स्पेन के मेड्रिड शहर में महिलाएं हुईं टॉपलेस, पुतिन के खिलाफ कर रही हैं प्रदर्शन

रसिया और यूक्रेन ये दो देश ऐसे हैं. जो दुनिया में सबसे ज़्यादा चर्चाओं में बने हुए है. और चर्चा में आने की वजह इन दोनों देशों के बीच छिड़ा संग्राम है. रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध शुरू हुए लगभग एक हप्ते से ज्यादा का वक़्त गुजर चुका है. लेकिन परिस्थितियां वही जस के तस ऐसे ही बनी हुई हैं. जो युद्ध की शुरुआत के समय थे. भले ही इन दोनों देशों के खिलाफ पूरी दुनिया में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. लेकिन इन देशों पर इसका कोई प्रभाव पड़ता नहीं दिख रहा है.

दुनिया में हो रहे हैं विरोध प्रदर्शन

 

यूं तो रसिया के खिलाफ पूरी दुनिया में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. लेकिन हाल ही में स्पेन से एक अलग ही प्रकार का विरोध प्रदर्शन सामने निकल कर आया है. स्पेन के शहर मेड्रिड में अलग तरह से रूस के प्रेसिडेंट ब्लादिमीर पुतिन के कुछ महिलाओं ने टॉपलेस होकर विरोध किया है. यहाँ का एक चर्चित फेमिनिस्ट ग्रुप है. और ये महिलाएं इसी चर्चित ग्रुप की हिस्सा है. इन महिलाओं ने स्पेन में रूस दूतावास के सामने जबदस्त विरोध किया. और सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि जब यह महिलाएं जब प्रदर्शन कर रही थी तब यह महिलाएं बिल्कुल टॉपलेस थी.

सीने पर लिखा है युद्ध रोको

विरोध कर रही इन फेमिनिस्ट महिलाओं ने बिल्कुल टॉपलेस होकर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और इस दौरान उनकी छाती पर लिखा था युद्ध रोको पुतिन. इसके साथ ही इन प्रदर्शनकारी महिलाओं ने अपने हाथ में फूलों के गुलदस्ते लिए हुए थे और यूक्रेन में शांति के लिए दुआए मांग रही थी इतना ही नहीं इन महिलाओं के बालों में फूल भी लगे हुए थे. इस फेमिनिस्ट समूह की महिलाओं का इस तरह से विरोध करना हर किसी को सोचने पर मजबूर कर रहा है.

2008 में हुई थी फेमिनिस्ट समूह की स्थापना

जो फेमिनिस्ट समूह तो उसके खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहा है. उसकी स्थापना साल 2008 में यूक्रेन में ही की गई थी हालांकि, इन दिनों यह फेमिनिस्ट ग्रुप फ्रांस में रहकर काम कर रहा है. ये फेमिनिस्ट महिलाएं अपना सबसे बड़ा हथियार यह अपने शरीर को ही मानती हैं. और कहती हैं कि हमारा शरीर ही हमारी ताकत है. और हमारा मिशन प्रदर्शन हमारी खुली छाती है.

24 फरवरी से हो रहे हैं यूक्रेन पर हमले

 

गौरतलब है कि 24 फरवरी से रूस यूक्रेन पर लगातार बड़े-बड़े हमले कर रहा है. और इन हमलों में इन 2 देशों को तो भारी भरकम नुकसान हो ही रहा है. इसके साथ विश्व को ही इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है. इस युद्ध में यूक्रेन के सैनिकों के साथ-साथ यहां के आम निवासियों की भी मौत हो रही है. देखना होगा स्पेन में हुए इस फेमिनिस्ट विरोध प्रदर्शन का रूस पर क्या प्रभाव पड़ता है.

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